Friday, 1 September 2017
Monday, 28 August 2017
इकान-डो जेनरीन-जी बौद्ध मठ ,क्योटो प्रीफेक्चर,जापान
इकान-डो जेनरीन-जी बौद्ध मठ जापान के क्योटो प्रीफेक्चर में है। इस मठ को बौद्ध भिक्षु कुकाई के एक छात्र शिनशो द्वारा स्थापित किया गया था, और यह मठ पतझड़ के मौसम में अपने गिरते पत्तों के लिए प्रसिद्ध है और साथ ही बौदध धम्म सिखने के एक केंद्र के रूप में भी इस मठ को 853 स्थापित किया गया था
इकान-डो जेनरीन-जी बौद्ध मठ जापान के क्योटो प्रीफेक्चर में है। इस मठ को बौद्ध भिक्षु कुकाई के एक छात्र शिनशो द्वारा स्थापित किया गया था, और यह मठ पतझड़ के मौसम में अपने गिरते पत्तों के लिए प्रसिद्ध है और साथ ही बौदध धम्म सिखने के एक केंद्र के रूप में भी इस मठ को 853 स्थापित किया गया था
Wednesday, 23 August 2017
डाइकाकु -जी ,क्योटो प्रीफेक्चर,जापान
डाइकाकु -जी बौद्ध मठ जापान के क्योटो प्रीफेक्चर में है। इस मठ को हेनिन समय काल में सन् 814 में बनवाया गया था जब यह सम्राट सागा का साम्राज्य था। इस मठ के पीछे एक कहानी है ऐसा कहा जाता है की एक बार जापान में गंभीर महामारी फैली तब बौद्ध धम्म की एक शाखा शिंगोन बौद्ध धम्म के संस्थापक कोबो डाशी में सम्राट सागा को अपने हाथो से बौद्ध धार्मिक दस्तावेज को हृदय सूत्र की एक लिखित प्रतिलिपि बनाने को कहा सम्राट ने ऐसा ही किया और जापान को महामारी से मुक्ति मिल गई आज भी यह लोग आके हृदय सूत्र को अपने हाथो से लिखते है सम्राट की मृत्यु के बाद उन की बेटी ने यह एक भव्य मठ का निर्माण किया।
डाइकाकु -जी बौद्ध मठ जापान के क्योटो प्रीफेक्चर में है। इस मठ को हेनिन समय काल में सन् 814 में बनवाया गया था जब यह सम्राट सागा का साम्राज्य था। इस मठ के पीछे एक कहानी है ऐसा कहा जाता है की एक बार जापान में गंभीर महामारी फैली तब बौद्ध धम्म की एक शाखा शिंगोन बौद्ध धम्म के संस्थापक कोबो डाशी में सम्राट सागा को अपने हाथो से बौद्ध धार्मिक दस्तावेज को हृदय सूत्र की एक लिखित प्रतिलिपि बनाने को कहा सम्राट ने ऐसा ही किया और जापान को महामारी से मुक्ति मिल गई आज भी यह लोग आके हृदय सूत्र को अपने हाथो से लिखते है सम्राट की मृत्यु के बाद उन की बेटी ने यह एक भव्य मठ का निर्माण किया।
Thursday, 17 August 2017
ब्योडो -इन ,क्योटो प्रीफेक्चर,जापान
ब्योडो -इन बौद्ध मठ जापान के क्योटो प्रीफेक्चर की उजी शहर में है। इसे हेनिन समय काल के अंतिम समय में बनाया गया था। 1994 में, यूनेस्को ने इस मठ को विश्व विरासत स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया वैसे इस मठ को 998 में मंत्रियो के लिए बनाया गया था इस की सबसे कीमती सम्पति इस का फोनिक्स हाल है जिसे जापान के राष्ट्रीय खजाने का दर्जा प्राप्त है साथ ही इस मठ के गार्डन को राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल और दर्शनीय सौंदर्य स्थान का दर्जा प्राप्त हैं।
ब्योडो -इन बौद्ध मठ जापान के क्योटो प्रीफेक्चर की उजी शहर में है। इसे हेनिन समय काल के अंतिम समय में बनाया गया था। 1994 में, यूनेस्को ने इस मठ को विश्व विरासत स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया वैसे इस मठ को 998 में मंत्रियो के लिए बनाया गया था इस की सबसे कीमती सम्पति इस का फोनिक्स हाल है जिसे जापान के राष्ट्रीय खजाने का दर्जा प्राप्त है साथ ही इस मठ के गार्डन को राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल और दर्शनीय सौंदर्य स्थान का दर्जा प्राप्त हैं।
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