केंचो -जी बौद्ध मठ, कानागावा प्रीफेक्चर,जापान
केंचो -जी बौद्ध मठ जापान के कानागावा प्रीफेक्चर में स्थित है,केंचो जी जापान में सबसे पुराना बौद्ध धम्म की ज़ेन शाखा का प्रशिक्षण मठ है और कामकुरा पांच-पर्वत प्रणाली में सर्वोच्च रैंक रखती है।
पांच-पर्वत प्रणाली की शुरवात भारत में हुयी थी इस के अंदर मठ को किसी निर्जन स्थान पर बनाया जाता है भारत से ही यह चीन और जापान पंहुचा । यह मठ सम्राट गो-फुकुसा के आदेश पर बनाया गया था जिस का काम 1253 में पूरा किया गया था।
होकोकु -जी बौद्ध मठ, कानागावा प्रीफेक्चर,जापान
होकोकु -जी बौद्ध मठ जापान के कानागावा प्रीफेक्चर में स्थित है,जो अपने बांस उद्यान के लिए प्रसिद्ध, इसे"बांस मठ" भी कहा जाता है। यह मठ 13,000 वर्ग मीटर में फैला है। इसे 1334 में बनाया गया था। 
इनगाकु -जी बौद्ध मठ, कानागावा प्रीफेक्चर,जापान
इनगाकु -जी बौद्ध मठ जापान के कानागावा प्रीफेक्चर में स्थित है। इनगाकु -जी बौद्ध मठ 1282 में एक चीनी जेन बौद्ध भिक्षु द्वारा जापान के तत्कालीन शासक होजो टोकिमुने के अनुरोध पर
स्थापित किया गया था जिन्होंने 1274 से 1281 की अवधि में एक मंगोल आक्रमण को रोका था। इस बौद्ध मठ को दोनों पक्षों के जो लोग जो युद्ध में मारे गए थे उन की याद में बनाया गया था साथ ही बौद्ध धम्म जी जेन शाखा का प्रचार भी इस मठ को स्थापित करने का मकसद था।
ज़ेन्ट्सु -जी बौद्ध मठ, कागावा प्रीफेक्चर,जापान
ज़ेन्ट्सु -जी बौद्ध मठ जापान के कागावा प्रीफेक्चर में स्थित है। ह 813 में कूकेई के पिता ज़ेंटु साकी ने स्थापित किया था। कूकेई जापान के प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु थे यह मठ उनका जन्म स्थान भी था।
मोटोयामा -जी बौद्ध मठ, कागावा प्रीफेक्चर,जापान
मोटोयामा -जी बौद्ध मठ जापान के कागावा प्रीफेक्चर में स्थित है। इसे 807 में सम्राट हेईजी के निर्देश पर स्थापित किया गया था। इस मोटोयामा -जी बौद्ध मठ का मुख्य हॉल जो सन1300 में पूरा हुआ यह जापान का राष्ट्रीय धरोहर के रूप में नामित है।
मोत्सू -जी बौद्ध मठ, इवाते प्रीफेक्चर,जापान
मोत्सू -जीबौद्ध मठ बौद्ध धम्म की तेंदई संप्रदाय का मुख्यालय है जिसे 850 में बनाया गया था। यह स्थान यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल के रूप में सूचीबद्ध है। माना जाता है कि यह पर एक समय 40 इमारतें थीं जिस का निर्माण कीमती धातुओं और मूल्यवान लकड़ी से किया गया था ,साथ ही 500 मठों थे जहा बौद्ध भिक्षुओं द्वारा धम्म की शिक्षा दी जाती थी। 13 वीं शताब्दी में विनाशकारी आग और बाद के वर्षों में युद्धों ने इन में से ज्यादातर को ख़त्म कर दिया। अब यह एक हॉल जिस में बुद्ध की मूर्ति है एक बिल्डिंग जिस में बौद्ध धम्म की शिक्षा दी जाती है एक गार्डन और एक तालाब ही बचा है लेकीन पुराने बौद्ध अवशेष अभी भी देखे जा सकते है। वर्ष के निश्चित समय में तालाब फूलों से फूलों से घिरा हुआ रहता है यह बगीचे के सबसे सुंदर दृश्य के रूप में माना जाता है।
चुसन-जी बौद्ध मठ, इवाते प्रीफेक्चर,जापान
चुसन-जी बौद्ध मठ को फुजिवारा नो कियोहीरा द्वारा 1095 में बनाया गया था। 1100 से पहले इस क्षेत्र में बौद्ध गतिविधि का पुरातात्विक या ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है।